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Saraswati Bai Dada Saheb Phalke (SDP) IAWA Women ACHIEVER AWARD 2020 (WAA) Was Organised By AMARCINE PRODUCTION

Saraswati Bai Dada Saheb Phalke (SDP) IAWA Women ACHIEVER AWARD 2020 (WAA) Was Organised By AMARCINE PRODUCTION

Saraswati Bai Dada Saheb Phalke (SDP) IAWA Women ACHIEVER AWARD 2020 (WAA) was organised by AMARCINE PRODUCTION successfully  VIRTUALLY ON line.50 plus high profile achiever around the world were present and discussed on women empowerment . The theame of the show was #womenforwomen.

Chief Guest Anup Jalota jee came in his character of  Satya Sai Baba and talk about his upcoming film getting released on 22nd Jan 2021 and said women should get double salary as she is the pillar of the house where in she performs multitasking works to uplife home and society both.

Dr.MI Zargar Patnavi  Director of NATIONAL HUMAN RIGHT SOCIAL JUSTICE spoke as guest speaker and said education is very important for women .If a women is educated she can educate the society. Paramjeet Singhjee the angry man president  of National Akali dal said  women should raise their voice against injustice . Dr Daljeet Kaur founder a multitasking personality founder president of IAWA NGO and a successful actress said women should take a stand for women . Together they can help each other to rise.  Chandreshekhar Pulsawker grandson of Saraswatibai jee was very happy that atlast his grandmother got recognition for her sacrifices where she stood shoulder to shoulder with her husband to make him pioneer film maker. All the 50 successful women out of 300 entries conducted a beautiful webinar and shared their views beautifully on women empowerment.Women of different fields shared the same platform with one voice one mission Women for women.They were qualified Doctors, educationist, social activist, enterpreneurs actress, producer, sports personality, motivational speaker, spiritual Healer ,teachers  from uk usa , Australia, mauratius,Bangladesh, Singapore, Canada, almost covered all states of India right from Manipur to Jammu ,from Himachal to Chennai.

There is a woman behind every man’s success. In Dada Saheb Phalke’s case, it was his wife Saraswatibai Phalke. India’s first film maker would never have been able to make his master piece without the film editing, that his wife did.IAWA took the initiative to award ladies around the world on name of wife of Dada Saheb Phalke , SaraswatiBai DadaSaheb Phalke SDP Women ACHIEVER AWARD 2020 Season 2 .The first season award were given to Kalpana Saroj jee , Bharti Lavekar jee, Salma Agha jee to name a few.  Successful Women who have accomplished their mission in their life, crossing all hurdles, with positive attitude, were being AWARDED with beautiful WAA TROPHY  and certificate of accomplishment.

      

Interestingly, IAWA NGO INNOVATIVE ARTIST WELFARE ASSOCIATION has been working for women empowerment since last 5 years. Pan India they boosted confidence of women ,nurtured their inner hidden talent, councelled them to raise voice against injustice and with their slogan #ek awaaz ek saath, stop Domestic violence.

Amarcine Production is producing short films and webseries on life of women of today.

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Dildar Se Dil Lagal Film’s Post Production Started

Dildar Se Dil Lagal Film’s Post Production Started

फिल्म “दिलदार से दिल लागल” की पोस्ट प्रोडक्शन स्टार्ट।

विशाल सिंह और तनुश्री चटर्जी के साथ आम्रपाली दूबे की अपना अलग अंदाज में जलवा।

भोजपुरी  फिल्म हथियार,ग़दर 2,ले आइब दुल्हनिया पाकिस्तान से, जैसी हिट फिल्मो में नजर आने वाले एक्शन हीरो विशाल सिंह अब जल्द ही एक रोमांटिक फिल्म में नजर आयेंगे। विशाल सिंह तनुश्री चटर्जी के साथ संस्कृति फिल्मस क्रिएशन के बैनर तले बनी रोमांटिक और एक्शन से भरपूर फिल्म “दिलदार से दिल लागल” मेे एक अलग अवतार में नजर आएंगे। इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में पूरी की गई है। निर्माता गौरव कुमार व जी शर्मा और निर्देशक विशाल यादव की निर्देशन में बनी फिल्म गोरखपुर उत्तर प्रदेश के कई खूबशूरत लोकेशनों पर शूट की गई है इस फिल्म में कुल 8 गाने है।

फिल्म के संगीतकार ओम झा, लेखक त्रिलोक गाजीपुरी, डी ओ पी डी के शर्मा, कोरियोग्राफर संजय कोर्वे, एक्शन मास्टर दिनेश यादव, आर्ट डायरेक्टर नज़ीर हुसैन, ड्रेस डिजाइनर विद्या मॉर्या और प्रोडकशन मैनेजर शेखर यादव हैं। जबकि प्रोजेक्ट डिज़ाइनर रत्नेश बर्णवाल है।

फिल्म के कलाकारों में विशाल सिंह और तनुश्री चटर्जी के अलावा गोपाल राय, रत्नेश बर्नवाल, अयाज़ खान, मनोज टाईगर, राज प्रेमी ,सोनिया मिश्रा, रीना राज हैं।

  

इस फिल्म की विशेषता यह है कि इसमें स्पेशल अपीयरेंस मेंयूट्यूब क़वीन आम्रपाली दुबे को रखा गया है जो

दिनेश लाल यादव निरहुआ के साथ दर्जनों भोजपुरी की सुपर हिट फिल्मों में काम कर चुकी आम्रपाली दूबे इस फिल्म में भी जलवा देखने को मिलेगा। जो ऑडिएंस के लिए एक सरप्राइज पैकेज होगा।

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Dance And Art Can Change Social Issues And Transform People – Geeta Chandran

Dance And Art Can Change Social Issues And Transform People – Geeta Chandran

नृत्य और कला के जरिये सामाजिक मुद्दों के साथ लोगों की विचारधारा में भी लाया जा सकता है बदलाव: गीता चंद्रन

29 दिसंबर 2020, कोलकाता: सुप्रसिद्ध भरतनाट्यम डांसर एवं नाट्य संगीत की अदाकारा पद्मश्री गीता चंद्रन का मानना है कि, नृत्य और कला के जरिये सामाजिक मुद्दों के साथ समाज के लोगों की सोच एवं उनकी विचारधारा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। अगर हम कला और शिक्षा को अधिक महत्व देकर इसके अर्जन पर जोर देते तो हमारे आसपास आज इतनी हिंसा और तनाव का माहौल नहीं होता, क्योंकि कला आपको अधिक संवेदनशील बनाना सिखाती है। श्री सीमेंट के सौजन्य से कोलकाता की सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था प्रभा खेतान फाउंडेशन” द्वारा आयोजित “एक मुलाकात विशेष” कार्यक्रम के एक घंटे के विशेष ऑनलाइन सत्र में अपने विचार व्यस्क करते हुए बहुमुखी नृत्य शिक्षक, कार्यकर्ता और नाट्य कलाकार के अलावा नृत्य विद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री गीता चंद्रन ने यह बाते कही।

अबतक अपने जीवन में टेलीविजन, वीडियो, फिल्म, थियेटर में काम कर चुकीं गीता चंद्रन ने अपने विचारों और जीवन के अनुभव को श्रीमती शिंजिनी कुलकर्णी, अहसास वुमेन ऑफ नोयडा के साथ ऑनलाइन सत्र में साझा किया। देश के विभिन्न कोने से उपस्थित लोग इस ऑनलाइन सत्र में शामिल हुए। देश के कई भरतनाट्यम के पारंपरिक स्कूलों से कई लोगों की चित्रकारियों और कला को लेकर गीता चंद्रन कठपुतली और मार्शल आर्ट जैसी क्रॉस आर्ट का भरतनाट्यम में प्रयोग कर रही हैं।

”गीता ने कहा: इससे पहले देशभर में अधिकतर कथक के दर्शक होते थे। भरतनाट्यम को अन्य कलाकारों के प्रदर्शन के बाद रात को 1 बजे या 2 बजे का समय दिया जाता था। पहले के दिनों में कुछ ऐसा हुआ करता था। उस समय एक दर्शक के बीच गैर-नर्तकियों को लाना एक नुकसान का व्यापार का माध्यम हुआ करता था, मैंने दर्शकों के बीच तेजी से अपना नृत्य पेश किया और इसे दर्शकों के मन में बसाने की कोशिश की।

गीता चंद्रन ने कहा, मुझे लगता है कि दर्शकों में भरतनाट्यम की डिमांड बढ़ी है। मै उन लोगों को विनम्र प्रणाम करती हूं, जिन्होंने हमारे लिए इतनी दूर से इस कार्यक्रम में आने का मार्ग प्रशस्त किया। गीता चंद्रन ने कहा कि, तमिलनाडु की संस्कृति में भरतनाट्यम गहराई से समाहित है और पूरी तरह से यह इस परंपरा में निहित है क्योंकि इसके बाद इसे बहुत संरचित और संस्थागत शिक्षण मिला।

गीता ने कहा : मैंने 90 के दशक में गुरु दक्षिणा मूर्ति सर से शिक्षा ग्रहण करना शुरू किया। शुरुआत में मैं सिर्फ उनकी अकादमी में उनकी मदद कर रही थी। वह मुझे अपने छात्रों को बैठाने और देखरेख करने के लिए अपने साथ शिक्षण संस्थान में ले जाया करते थे। क्योंकि वो मुझे साथ ले जाते थे, इसलिए मुझे पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए उनसे बहुत आशीर्वाद मिला।

भरतनाट्यम और उनके स्कूल “नाट्य वृक्ष” में पढ़ाने की शैली का उल्लेख करते हुए गीता ने कहा, मुझे एहसास हुआ कि शहरों में बच्चे अंतर्राष्ट्रीय परंपरा में ढलने के लिए एक सपने का पीछा करते हुए आगे बढ़ते हैं, जो अभी तक उनकी अपनी परंपरा में आधारित हैं। इसलिए मुझे एक ऐसी शिक्षा शास्त्र के बारे में सोचना था जो नई पीढ़ी की सोच एवं उनकी विचारधारा से हमे जोड़ सके। ऐसा होने पर कई जगहों पर डिस्कनेक्ट दूर  हो सकता था। इसलिए हमने बहुत सारे रंगों, बनावट, मिथकों, संगीत और रूप का उपयोग करके जगह बनाई, क्योंकि मुझे लगता है कि सौंदर्य गुणों को सिखाया नहीं जा सकता। इसका अनुभव करने की जरूरत होती है। इन सभी चीजों को शिक्षा शास्त्र में सिखाया जाता है, जिससे मन में जिज्ञासाएं और बढ़ती है।

उन्होंने कहा, हमें आज के युवा पीढ़ी के डांसरों को बहुत स्वतंत्रता देनी चाहिए क्योंकि वे बहुत दबाव में होते हैं और रोबोट की तरह जीवनशैली जीते हैं। शिक्षक और छात्र के बीच संवाद बहुत महत्वपूर्ण है और मेरे शिक्षक के बीच कभी संवाद हुआ ही नहीं था, यह एक तरह से बहुत सख्त किस्म की बात थी। मैं ऐसा नहीं चाहती थी, मैं अपने छात्रों के लिए एक दोस्त बनकर रहना चाहती थी।

एक सवाल के जवाब में कि, डांस सीखने के लिए आध्यात्मिक होना ज़रूरी है? इसपर गीता ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे लगता है कि हर आत्मा अलग है, हर व्यक्ति अलग है, हर कोई अलग है, हर कोई समान रूप से मान्य है। मेरे पास ऐसे भी छात्र हैं, जो गैर-विश्वासी हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने एक तीव्रता के साथ खूबसूरती से नृत्य पेश किया है जो काफी अलग है।

वृंदावन के राधारमण जी मंदिर में सेवा प्रदर्शन करना मेरे लिए एक जीवन परिवर्तनकारी अनुभव था। मैं इस सेवा का हिस्सा थी, मैं नृत्य नहीं कर रही थी। मैं नृत्य के जरिये राधारमण जी की सेवा में शामिल होना चाहती थी। उन्होंने सिर्फ मेरा पूरा काम संभाला था। मैं वहां इस सेवा के लिए लगभग हर साल जाती थी। यह मेरे लिए नया अनुभव था क्योंकि इसके पहले दक्षिण भारत में सेवा करनेवाले नर्तकियों के बारे में मै काफी पढ़ चुकी थी, क्योंकि भरतनाट्यम दक्षिण भारतीय मंदिरों में अनुष्ठानिक परंपरा से काफी अलग था। मेरे लिए यह लगभग जीवंत होने के समान था, क्योंकि पहले आप जिसके बारे में सिर्फ पढ़ा करते थे लेकिन अब आप वास्तव में मंदिर में सेवा कर रहे थे। यह सेवा आपके ईष्ट देवता के साथ वन-टू-वन जैसा था। अपनी कला के माध्यम से मै अपनी पूरी कला को सेवा के माध्यम से अपने परमात्मा को अर्पित कर रहे होते हैं। मेरे लिए यह पूरी तरह से अलग अहसास था।

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Trailer Launch Of Mulayam Singh Yadav’s Biopic Main Mulayam

Trailer Launch Of Mulayam Singh Yadav’s Biopic Main Mulayam

मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ फ़िल्म का धमाकेदार ट्रेलर लॉन्च

मुम्बई। सपा नेता व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ का ट्रेलर धमाकेदार अंदाज़ में लिंक क्रॉफ्ट स्टूडियो, सहारा होटल, मुम्बई में लॉन्च हुआ। उसी अवसर पर फ़िल्म डिस्ट्रीब्यूटर व डॉन सिनेमा के संचालक महमूद अली, अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल, आरती नागपाल, ब्राइट के योगेश लखानी, फ़िल्म के मुख्य अभिनेता अमित सेठी, निर्मात्री मीना सेठी मंडल, अभिनेत्री सना अमीन शेख, सुप्रिया कार्णिक, संगीतकार तोशी और शारिब, राइटर राशिद इकबाल, आफताब अली, भूमिका कलिता, सुनील पाल, निर्माता विरल पंड्या और नेहाल सिंह, निर्देशक फैसल खान, कुलदीप सिंह, डीओपी रणविजय सिंह, अनीस शेरोन खान, समीर मलिक और रियाज़ भाटी की विशेष उपस्थिति रही।

एम एस फिल्म्स एंड प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म के निर्देशक सुवेन्दु राज घोष और स्क्रिप्ट राइटर राशिद इकबाल हैं।

इस फ़िल्म को डॉन सिनेमा पूरे विश्व भर में रिलीज करने जा रही है। यह फ़िल्म मुलायम सिंह के जीवन से जुड़ी रोचक पहलुओं के साथ उनके संघर्ष को पेश करेगी।

‘ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करती’, समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के गुरु डॉ राम मनोहर लोहिया के इस मंत्र ने उन्हें देश के सबसे सफल राजनीतिक नेताओं में से एक बना दिया। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफ़ई नामक एक छोटे से गाँव में एक किसान के बेटे ने अपने राज्य का सर्वोच्च नेता बनने के लिए सबसे प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी।  मुलायम के पिता चाहते थे कि वह एक पहलवान बनें, लेकिन उनके भाग्य में कुछ बड़ा बनना तय था।  एक स्थानीय नेता नाथूराम ने मजबूत इरादों वाले लड़के को देखा और उसे राजनीति में प्रवेश करने का पहला मौका दिया। नाथूराम ने उन्हें उस युग के देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक डॉ राम मनोहर लोहिया से भी परिचित कराया। लोहिया के जीवन में आने के बाद, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से राजनीति की बारीकियों को सीखा, और तब मुलायम सिंह यादव यूपी की राजनीति में एक बड़ा नाम बन गए.

   

वे चौधरी चरण के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के लिए एक प्राथमिक विद्यालय में एक अंग्रेजी शिक्षक से, यह एक ऐसे आदमी की यात्रा है जो आपातकाल के समय 19 महीने तक जेल में रहा था। यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसे उस दिन गोली मार दी गई थी जब उसने अपना पहला चुनाव जीता था। जब पूंजीवाद और नौकरशाही राजनीति के मुख्य स्तंभ थे, तो उन्होंने आकर परिदृश्य बदल दिया। यह एक किसान पुत्र की प्रेरक कहानी है जो राज्य का सर्वोच्च नेता बन गया।

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GOOD MORNING EMI SHORT FILM REVIEW

GOOD MORNING EMI SHORT FILM REVIEW

Mumbai: Due to the lockdown, there has been a lots of trouble for a common man to give EMI, there are lots of people facing many problems due to  the lock down. Have you ever thought that one day your mood is very bad and you get EMI calls from the bank, especially in the morning when you have not even woke up properly from sleep and you will get angry, an if you hear the abuse of EMI person. Let us tell you that on the MX-PLAYER platform, such a short film is released on 25th December Friday, which will make you afraid to ask for EMI too.

Yes, the film EMI released on Friday is being liked very much, it is a 10 minute short film. The story is about a man who is seen upset with his personal life. One morning when Chulbul is sleeping when his girl friend calls, he talks to his girl friend and sleeps again for 5 minutes. After 2 minutes, Chulbul’s phone rings again and he feels that his girl friend call him back but this time the call is from the EMI collector and he starts abusing in the morning, yet Chulbul was talking very softly. He talks to EMI person and ask him out to meet for settlement . During a conversation between Chulbul and EMI settler, Chulbul’s girl friend calls Chulbul quite often but his call was busy when Chulbul’s call her back his girl friend gets angry and took breaks up with Chulbul. After this, Chulbul meets EMI person and teaches him a lesson how to talk. To know more you have to watch this film.

Talking about the star cast of this film, actors Pratush Mishra, Deepak Singh Thakur, Actress Kritika Gupta, Nandita Shukla is seen. Jai Prakash Mishra is the writer and director of this film, produced by PSJ Media Vision .

People have loved this film a lot.

https://www.mxplayer.in/movie/watch-good-morning-emi-short-film-movie-online-c5acaa763e1945e130f6e4eba20b5b9f?utm_source=mx_android_share

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