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The CM of Madhya Pradesh Shri Shivraj Singh Chouhan blessed the kids Saanvi Shrivastava – Riddhima Shrivastava For Their Debut Book Diary Of Angel & Ginie

The CM of Madhya Pradesh Shri Shivraj Singh Chouhan blessed the kids Saanvi Shrivastava – Riddhima Shrivastava For Their Debut Book  Diary Of Angel & Ginie

The book, Diary of Angel and Ginie is their debut at the  tender age of 10 and 8 years & now called as the youngest co-authors .

The book, Diary of Angel and Ginie is a compilation of stories that these girls have written. The best part about the stories is that each story has a value added in it. In a generation where kids are obsessed with mobile games and Youtube, Saanvi and Riddhima have taken time out to observe people around them and feel their feelings.

In their stories, you will find respect for elders, you will feel love for the society and you will experience their thought process towards their friends, their teachers and their family.

We feel that such stories seek to bring about moral values and store them in a child’s sub conscious. Realization of these values brings about harmony, happiness and peace, which are miserably lacking in the modern times.

The Chief Minister of Madhya Pradesh Shri Shivraj Singh Chouhan blessed the both kids for their success in their  life and all the best for the book.

 

Diary Of Angel & Ginie  A Book  By co-authors Saanvi Shrivastava – Riddhima Shrivastava

 

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Poet Shashi – Her Latest Hindi Poems And Introduction

Poet Shashi – Her Latest Hindi Poems And Introduction

कवयित्री शशि – परिचय

शशि एक बहुत ही योग्य कवयित्री होने के साथ साथ गीतकार एवं  कहानीकार ( लेखिका)  हैं। जैसा कि हम सभी को विदित है कि हमारा  भारतवर्ष गांवों का देश है। ये बड़ी मेहनत एवं लगन से एमकाे म्यूज़िक प्रा. लि. कंपनी के लिए हिन्दी फ़िल्म की कहानी ग्रामीणों के जनजीवन के  विकासपूर्ण उद्देश्य से लिख रही हैं।

ग्रामीणों की तरक्की, समृद्धि एवं  उज्वल भविष्य हेतु अपनी कलम से यह फिल्म की कहानी देश को समर्पित करना चाहती हैं। आशा है कि निकटतम भविष्य में एमको म्यूज़िक कंपनी इस कहानी को हिन्दी फ़िल्म के जरिए देश एवं दुनियां को समर्पित करेगी।

कवयित्री: शशि

**   गणित  **

यह गणित बड़ा दुखदाई है

छात्र  छात्राओकी आफ़त आई है

स्कूल से जब घर जाते

दस बीस सवाल निकलते

मानो दिमाग में काई है

यह गणित बड़ा दुखदाई है

यह रखता है और भी शाखाएं

बीज गणित और रेखाएं

पर सब में है कठिनाई

यदि होता मेरा राज यहां

क्यों होता जग में गणित  भला

जग कहता यह बड़ा सुखदाई

मैं कहती यह बड़ा दुखदाई

कवयित्री :  शशि

**  नेक सलाह  **

खाना चाहते हो तो ” गम” खाओ

पीना चाहते हो तो ” क्रोध” पियो

पहनना चाहते हो तो ” नेकी” का जामा पहनो

 

देखना चाहते हो तो ऊंची निगाह से देखो

लेना चाहते हो तो सिर्फ़ आशीर्वाद लो

छोड़ना चाहते हो तो सिर्फ़ पाप और अत्याचार छोड़ो

 

रखना चाहते हो तो ” इज्ज़त” रखो

बोलना चाहो तो सदा ” सत्य” बोलो

जीतना चाहो तो ” तृष्णा” को जीतो

 

मारना चाहो तो बुरी इच्छा को मारो

देखना चाहो तो अपने आप को देखो

भोगना चाहो तो सन्तोष को भोगो

 

फेंकना चाहो तो ” ईर्ष्या” को फेंको

हारना चाहो तो ” अनीति” को हारो

दिखलाना चाहो तो दया दिखलाओ

 

करना चाहो तो समाजसेवा करो

सीखना चाहो तो अनुशासन सीखो

पढ़ना चाहो तो अच्छी पुस्तक पढ़ो

    

——सौजन्य से: अरुण शक्ति मैनेजिंग डायरेक्टर

——एमको म्यूजिक प्रा. लि. मोबाइल नम्बर: 9468467100

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Writer- Poet  Poojashree wants to serve the society through literature till the end of life

Writer- Poet  Poojashree wants to serve the society through literature till the end of life

जीवन के अंतिम समय तक साहित्य के माध्यम से समाज की सेवा करना चाहती हैं लेखिका पूजाश्री

चर्चाओं के बीच : साहित्य की मीरा पूजाश्री

राजस्थान की तपती रेत को रौंद कर मायानगरी मुम्बई तक पहुंचने वाली लेखिका पूजाश्री अपने साहित्य में भारत की कला संस्कृति को सरंक्षित करते हुए फ़िलवक्त उसके प्रचार प्रसार में गतिशील हैं। हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में 18 से अधिक पुस्तकों को सृजित करने वाली पूजाश्री का जन्म 29 मार्च 1951 को हुआ था। बचपन से ही विचारों को, भावनाओं को अपने शब्दों से स्वरूप प्रदान करने वाली पूजाश्री मास्टर ऑफ आर्ट्स में साहित्यरत्न हैं। हिंदी,संस्कृत,राजस्थानी,उर्दू और मराठी भाषा पर पूर्ण अधिकार रखती हैं। साथ ही साथ  आज के हिंदी साहित्य में सर्वोच्च स्थान रखती हैं। पूजाश्री निर्भीकता से अपनी लेखनी से समाज की कुरीतियों, नीतियों पर प्रहार करने से भी नहीं चूकतीं और अपनी साहित्यिक यात्रा जारी रखी हुई हैं।

‘पनघट'(काव्य संग्रह), ‘रेखाएं'(काव्य संग्रह), ‘रेत है रातनालीअ'(राजस्थानी काव्य संग्रह), ‘ नारी यदि चाहे तो'(कहानी संग्रह), ‘मेरे आराध्य'(भक्ति काव्य संग्रह), ‘देश मेरे'(देश भक्ति गीत), ‘राम कथा और तुलसीदास'(गद्य व पद्य), ‘प्रणय पराग'(काव्य संग्रह), ‘छद्मवेश’, ‘ओलख रा उजियारा'(राजस्थानी कहानी संग्रह), ‘शुभ मंगल'(राजस्थानी काव्य संग्रह), ‘तिश्नगी’ (नज़्म संग्रह), ‘रोसनी री सुई'(राजस्थानी कविता संग्रह), ‘ज़िंदगानी री जोगण'(राजस्थानी कविता संग्रह), ‘अभिलाषा'(सरस अखंड काव्य), ‘मेलो'(राजस्थानी), ‘वंदे मातरम बाल साहित्य बाल साहित्य(राजस्थानी), ‘सत्यमेव जयते'(हिंदी), और ‘योग कवंल'(योग पर रचनाएं हिंदी) जैसी कई पुस्तकें पूजाश्री की, पाठकों तक पहुंच चुकी है। पूजाश्री की तीन अन्य पुस्तकें वर्तमान समय मे प्रकाशाधीन हैं।

पूजाश्री को उनकी लेखकीय गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, मानस संगम(कानपुर) द्वारा साहित्य पुरुस्कार, राष्ट्रीय आत्मा स्मारक द्वारा श्रीमती जय देवी शुक्ला पुरुस्कार, राजस्थानी गीतों के लिए जनपदीय सम्मान और मानव कल्याण संघ(साहित्य लोक) प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश द्वारा सहित्यश्री पुरुस्कार, हम सब संस्था(ठाणे, महाराष्ट्र) द्वारा सार्वजनिक सम्मान, अखिल भारतीय सहियकार अभिनंदन समिति(मथुरा, उत्तरप्रदेश) द्वारा कवियत्री महादेवी वर्मा सम्मान, साहित्यकार सम्मेलन(उज्जैन) द्वारा सम्मान पत्र, महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा मुंशी प्रेमचंद साहित्य पुरुस्कार, नारायणी साहित्य अकादमी (दिल्ली) द्वारा नारायणी सम्मान और कई तरह के परुस्कारों से नवाज़ा जा चुका है। देश विदेश के सभी मुख्य पत्र पत्रिकाओं में छप चुकी और अपनी प्रथम मंचीय रचना मुम्बई की धरती पर पढ़ने वाली और साहित्य की मीरा के नाम से ख्याति प्राप्त लेखिका पूजाश्री हिंदी साहित्य की वर्तमान दशा को देख कर काफी व्यथित व विचलित नज़र आती हैं। पूजाश्री ने साहित्य के माध्यम से सेवा समर्पण सहयोग सदभावना युक्त संदेश लोगों तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया और उनका संघर्ष आज भी जारी है।

बकौल पूजाश्री आज अंग्रेजी का बोलबाला है। नई पीढ़ी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ कर निकाल रही है….वैसे आज के दौर में हिंदी साहित्य पाठ्यक्रमों से बाहर निकलता प्रतीत होता है…ये शुभ संकेत नहीं है। मैं अपना समय ज़िन्दगी सबकुछ साहित्य को अर्पण कर चुकी हूँ। मेरी इच्छा है कि संदेशपरक साहित्य पाठकों तक पहुंचे। जिसका घोर अभाव आज के दौर में दिखाई देता है…

    

फिर भी अंतिम समय तक मैं साहित्य के माध्यम से समाज की सेवा करती रहूँगी ।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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Poet Shashi’s New Poem MANAV KRODH Published by Amco Music

Poet Shashi’s  New Poem MANAV KRODH  Published by Amco Music

कवयित्री:  शशि

मानव क्रोध

आता है जब क्रोध, लाल चेहरे को कर देता है,

नेत्र आग बरसाते हैं, बुद्धि को हर लेता है,

समय, धर्म, धन का विनाश कर, पाप वृद्धि करता है,

क्रोध महाराक्षस, मानव की समूल शान्ति हरता है।

 

रक्त विकृत हो जाता है, खाया पानी बन जाता है,

आते रोग अनेक, क्षीण मन दुख से भर जाता है,

न कहने योग्य शब्द, मुख से झरने लगते हैं,

अगले के मानस, पीड़ाओं से भरने लगते हैं।

 

क्रोध बढ़ाता बैर, स्वजन को कर देता परजन है,

भय का वातावरण, बनाकर पीड़ित करता मन है,

छोटी छोटी बातों में भी, क्रोध नहीं अच्छा है,

करके क्रोध जीत नहीं सकते, जो छोटा बच्चा है।

 

क्रोध पशुत्व स्वभाव,  विवशता की दुर्लभ बेड़ी है,

जिसने सम्यक समझ लिया, उसने इसको तोड़ी है।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Poetess Shashi’s New Poem Released By Amco Music

Poetess Shashi’s  New Poem Released By Amco Music

कवयित्री: शशि  ” विद्या का गागर ”

बूंद बूंद करके बना था सागर,

उस सागर से भरा

मेरी विद्या का गागर,

 

कण कण मैंने एकत्रित किए,

कि मैं भी पढ़ लिख जाऊं,

फिर वक्त के काले बादल आए,

पढ़ने से फिर टोंक दिया

 

मैं फिर बोल पड़ी

कि दुनियां में तुमने क्या देखा,

बदल गया था ज़माना

उस ज़माने को मैंने देखा,

 

चल पड़ी मैं उस पथ पर

जो जन्नत को ले जाता था,

उस वक्त पाया मैंने

मेरे जीवन में उजियार था,

 

छोड़ दी मैंने अनपढ़ता,

पढ़ा लिखा कुछ नाम किया,

दुनियां की ये अंधियारा

पल भर में मैने पोंछ दिया,

 

मैंने फिर से संकल्प लिया

अनपढ़ता को मिटाना है,

साक्षरता को फिर एक बार

फिर इस दुनियां में लाना है,

बूंद बूंद…………….

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And  Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय पर मनोज कुमार राय ने लिखी उपयोगी पुस्तक “पहलवान साहेब”  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा विमोचन, अमिताभ बच्चन, विराट कोहली, रणबीर कपूर, शिल्पा शेट्टी, कैलाश खेर द्वारा मिली सराहना

पहलवान भागवत राय पर बायोपिक फ़िल्म ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जाएगी

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होनें युवावस्था में ही कई रिकॉर्ड बना कर अपनी हैरतअंगेज और चमत्कारिक ताकत का परिचय दिया।भागवत राय जी ने आज़ादी से पहले देश में सर्कस कम्पनी खोलकर अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। अब मनोज कुमार राय ने अपने दादा भागवत राय पर एक पुस्तक “पहलवान साहेब” लिखी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने निवास पर इस पुस्तक “पहलवान साहेब” का विमोचन किया। यह पुस्तक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) मनोज कुमार राय द्वारा लिखी गई है। अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी के सन्देश भी पुस्तक में प्रकाशित किए गए हैं।मनोज कुमार राय की यह पहली किताब है जिसमे 15 अध्याय हैं। इस पुस्तक में भागवत राय की विलक्षण प्रतिभा से पाठकों को अवगत कराया गया है। प्रभाकर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह किताब अमेज़ॉन सहित कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है।

गौरतलब है कि भागवत राय देश की महान विभूतियों में से एक रहे हैं। वह स्वतंत्रता पूर्व भारत के सबसे ताकतवर व्यक्ति थे। 1925 में उन्होंने अपनी सर्कस कम्पनी शुरू की थी। तेज भागती गाड़ी रोकना और हाथी को अपने सीने पर खड़े करना जैसे कई आश्चर्यजनक कारनामे उन्होंने किए।

मनोज कुमार राय ने यह किताब विराट कोहली, एक्टर रणबीर कपूर, लेखक चेतन भगत, गायक कैलाश खेर सहित कई फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को भेंट की, और सभी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पुस्तक को लिखने के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

अमिताभ बच्चन का कहना है कि भागवत राय एक पहलवान होने के नाते न सिर्फ शरीर के बल बल्कि मानसिक दृढ़ता के भी प्रतीक थे। उन्होंने अपनी अलग सोच, लग्न और त्याग की भावना से देश को आज़ाद देश बनाने में अहम योगदान दिया।

वहीं शिल्पा शेट्टी कुन्द्रा ने कहा कि भारत के शूरवीर स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भागवत राय जी के बारे में हर भारतीय को पढ़ना चाहिए। मनोज कुमार राय ने अपनी इस किताब में भागवत राय की चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया है। उनके जीवन के हर पड़ाव को और उनकी जिंदगी की हर छोटी बड़ी बात को लेखक ने बखूबी पेश किया है।”

भाजपा के कद्दावर नेता तथा पूर्व रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा जो अब जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं, इन्होंने भी लेखक मनोज कुमार राय को पत्र भेजकर लिखा है कि आपने मुझे अपनी किताब पहलवान साहेब मुझे भेजी है शुक्रिया। भागवत राय की 121 वीं जयंती पर यह किताब दरअसल उस महान शख्सियत को असली ट्रिब्यूट है।”

आपको बता दें कि इस पुस्तक पर बेस्ड पहलवान भागवत राय पर ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले एक फ़ीचर फ़िल्म भी बनाई जाएगी जिसकी निर्मात्री संगीता राय हैं।

लेखक मनोज कुमार राय का कहना हैं कि अदम्य साहस के प्रतीक, युवा क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत और महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय जी का जन्म बलिया, उत्तरप्रदेश में हुआ था। भागवत राय जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। इस पुस्तक में उनकी इन्हीं विलक्षण प्रतिभा से पाठक को अवगत कराया गया है।  उनकी 121वीं जयंती पर अपनी श्रद्धांजलि के रूप में दुनिया के सामने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को नये रूप और नये कलेवर में समाज के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।”

वाकई यह किताब हर देशवासी को पढ़नी चाहिए और अपने देश की ऐसी महान विभूति के जीवन, संघर्ष और त्याग के बारे में जानना चाहिए।

     

कुश्ती कला के जादगूर पहलवान भागवत राय को ढेर सारे पुरुस्कारों और सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। भागवत राय (1899-1944) ब्रिटिश साम्राज्य के पहले भारतीय पहलवान थे जो अपने सीने पर हाथी चढ़वाते थे। वो महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय से बेहद प्रेरित थे। भागवत को अपने देश की मिटटी से गहरा लगाव था, जिसकी वजह थी कि महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय भी इसी मिटटी के सपूत थे।

यह पुस्तक वास्तव में जानकारी और प्रेरणा का स्रोत है जिसके लिए लेखक मनोज कुमार राय बधाई के पात्र हैं।

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