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Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”

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Sushant the star – Sohan Roy’s new poem on the untimely demise of the rising star, Sushant Singh Rajput

Sushant the star – Sohan Roy’s new poem on the untimely demise of the rising star, Sushant Singh Rajput

June 14th marked the sad demise of a well-known Bollywood actor Sushant Singh Rajput. The news immersed India in a state of shock, mainly because the actor was young and successful. This incident unveiled a not much-realized face of depression, which is often kept under wraps. This incident brought the ugly reality of life to the public as he was an embodiment of a self-made man who made a name for himself in the industry without any support. A Bollywood star with a bright future ahead of him seemingly gave in and died by suicide. Poet and Hollywood director, Dr. Sohan Roy, in his new poem “Sushant the star,” wrote about Sushant’s untimely death. Roy started the Poem by mentioning the most outstanding role in his career, the character he did as M.S Dhoni in the biopic “Dhoni.” The poet stresses on how he had his dreams achieved and life sorted out but still ended up doing such an unfortunate deed. It reflects that nothing monetary or no amount of achievement can sum up someone’s happiness in life. Roy describes him using the homonym star as he was genuinely eligible for both meanings of the word. It was a doomed day for the nation, Dr. Roy chose Sushant’s demise as the topic of Roy’s Poem because it opened up a lot of misconceptions seen in today’s world.

It was a revelation to people who thought that the glam everybody exhibits outside and on social platforms is the lives they live. Sushant led a life which anyone would crave, but despite living amidst all that fame and luxury, he still chose to end his life. This has made the whole nation stop and think.

Dr. Sohan Roy, C.E.O OF U.A.E based Aries Group of Companies, is a compassionate person concerned about fellow beings and has worked relentlessly in numerous ways to help the needy. Choosing current affairs as a topic, he has been writing and releasing haikus daily, for the past two and half years in a 4-line Poem based Internet Troll or “Poetroll” form along with suiting graphics and music. He has written about 900 Poetrolls that stands out in the postmodern literary Field. His aspiration has always been beyond monetary achievements and has relentlessly worked for the progress of our nation. His “Roars of Color” is one such effort that can represent India’s solidarity extended towards any citizen facing the terrors of racial discrimination. He has also bridged the gap India had with the most reputed Oscar Awards by Directing the Hollywood movie “DAM 999”. His debut directorial venture contended for the Oscars and received 5 selections in 3 categories….

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Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

अनोखे काव्य लेखन से मिली पहचान – सोनी झा

प्रेरणा और अलग नजरिया जिसमें होता है। वह अपने कविता के जरिए लोगों में एक बेहतर अनुभूति कराता है। अपने काव्य से लोगों में एक उमंग जगाता है। शब्दों की सजावट और शब्दों के साथ उसका सही वर्णन जो कोई करता है उसे ही एक काव्य कलाकार कहते हैं। यह कलाकार हमें निसर्ग एवं समाज से जोड़ें रखते हैं।

ऐसी ही एक कलाकार के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो अपने काव्य से लोगों का मन लुभा रही है। सोनी झा, जो कि झारखंड के जमशेदपुर शहर से हैं उनके पिता पुलिस में देश की सेवा कर रहे हैं और माताजी ग्रहणी है, सोनी झा अपने बाल रूप से ही लोगों और लोगों के मन के साथ जोड़ी है। शायद यही कारण है कि वह इतनी बेहतरीन कविताएं लिखती है, जो लोगों के मन को लुभा जाती है और लोगों को सोचने पर विवश कर देती है।

वह एक तरह से शब्दों को पीरों कर और शब्दों की नक्काशी कर उसे एक काव्य रूप देती है जिसे लोग पढ़े बिना रह नहीं पाते और उसमें ही लीन रह जाते हैं। उनका कहना है कि कविताएं लिखने से पहले कल्पना और अद्भुत विचारों का मिश्रण होना बहुत ही जरूरी है जिससे वह कविताएं और भी खूबसूरत हो जाती है।

उनका यह भी मानना है कि आजकल लोगों में प्रेरणा की कमी हो गई है। लोग अपने और अपने प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। वह चाहती है कि उनकी कविताएं लोगों को प्रेरणा दें। उनकी यही महान सोच उन्हें एक बेहतरीन कवियत्री बनाती है। उनकी कविताओं में इस तरह की सभी खूबियां हैं जो एक इंसान को बदलने के लिए काफी है। 

बंजारो की ज़िन्दगी

बंजारो सी लगती है अब ये ज़िन्दगी…

रेगिस्तान की रेतों की तरह…

हाथों से फिसलती ये ज़िन्दगी…

ना जाने किस मोड़ पर आकर रूकेगी…

ख्वाहिशों के मौसम में…

बदलाव की बयार ना जाने…

किस आंगन में जाकर खत्म होगी।

हारते हुए इंसान को…

इश्क़ की तन्हाइयों ने ज़ख़्म काफी गहरा दिया है वक़्त की अदालत ने…

सबका चेहरा बेनकाब किया…

किसी ने आकर मेरे ज़ख़्म सिले नहीं…

उस गहरे ज़ख़्म पर…

मरहम भी खुद से लगाई हूं जो मेरे अपनों की खंजर से मिली है।

बार बार उठने की कोशिश भी….

नाकाम सी लगने लगी है ,हर दफा…

रिश्तों की किश्त ढोते ढोते…

ज़िन्दगी उलझ सी गई है ।अपनी उलझन को…

सुलझा सुलझा कर…

अब थक सी गई हूं।

आंखों में नमी…

अब बचा नहीं, किसी और से अब दिल लगा नहीं…

किसी के इंतजार में…

पत्थर दिल सी हो गई हूं…

ख्वाब टूटकर बिखर गए…

मगर किस्मत से हार नहीं मानी हूं। तन्हाइयों का साथ देते देते…

खुद को कही भूल बैठी हूं…

खुशियों की दस्तक से…

इक अनकही सी फासला बना बैठी हूं …

अब खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन खामोशियों को…

जिसके बाद कोई कीमत ना चुकानी पड़ी…

किसी को आवाज़ लगाने की।

अब बस थक कर सो जाना चाहती हूं…

तुम्हारी बाहों में सुकून मिले ऐसी ख्वाइश से खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन आसमानों के बाहों में…

जहां से सब कुछ धुंधला सा लगे…

जहां मुझे कोई ढूंढ़ ना सके।

बस बहुत जी ली…

ये खोखली सी ज़िन्दगी…

अब हार जाना चाहती हूं…

खुद की ख्वाहिशों भरी उम्मीदों से…

धड़कन को बंद कर ,अपनी सांसों को मिला देना चाहती हूं…

आसमानों के खुली फिज़ाओं में, सोचती हूं …

एक बार ही सही अपने ख्वाब को मुकम्मल कर लूं…

अपनी होंठों की मुस्कान को…

फिर से वापिस ले आऊ…

छोड़ जाऊ जमाने के  इन रीति रिवाजों को…

और जी लू अपने अल्हड़पन को…

बेझिझक सी, बेपरवाह सी, बेधड़क सी, बेख़ौफ़ सी ।।

 

खुशियों की तलाश

ना ही तुम हमें किसी बंधन में बांध पाए ,

ना ही चाहत के सिलसिले में मेरा हाथ थाम पाए।

ख्वाहिशों के मौसम में तुम भी कुछ बदल से गए,

मेरे जज्बातों की आंधी में तुम भी थोड़ा बहक से गए ।

तुम्हें सोच के ख़ुद के ख्वाबों से हम रिश्ता निभा नहीं पाए,

तेरे लिए हम सब कुछ पाकर भी खुद से ही हार गए।

हर दफा ,गलत इंसान से इश्क़ करने की गुस्ताखी करते गए ,

मगर ये कम्बक्त दिल भी सबको माफ करके ,दिल के टुकड़ों को खुद से ही जोड़ते गए।

कभी वो मिला ही नहीं, जिनकी मोहब्बत मिलने से छणिक भर भी दिल को सुकून मिले।

जो भी मिले रास्ते में ,बस मेरे टूटे हुए दिल को जोड़कर ,फिर से तोड़ते गए।

हम मोहब्बत की हर तकलीफ को ,दिल के किसी कोने में दफन करते गए।

बार बार टूटकर बिखरने के बावजूद भी किसी और के लिए खुद की ज़िन्दगी को तबाह करते गए।

एक टूटे हुए दर्पण की तरह, अपने दिल के भी टुकड़े टुकड़े करते गए।

हर दफा ना चाहते हुए भी झूठी तसल्ली देकर दिल को दिलासा दिलाते गए।

हर तकलीफों को किनारे रखकर, सुकुन की तलाश में ज़िन्दगी को जिते चले गए।

दिल्लगी ना करने की कोशिश में तुझसे दूर होते गए ,

फिर भी, ना जाने क्यूं , तुझे देखकर ये ख्याल हमेशा बदलते गए।

झूठ और फरेब से भरे इश्क़ की इन गलियों में ,दिल अपना लुटाते गए

मोहब्बत और किस्मत के खेल में जीत हासिल करने की बजाय खुद के दिल को हारते गए।

भला किस्मत से इश्क़ कब जीत पाया है -२

ये जानकर दिल को समझाते गए और इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए।

इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए ।।

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Book Launch Of CA Sudha G Bhushan By Quaiser Khalid IPS Officer

Book Launch Of  CA Sudha G Bhushan By Quaiser Khalid IPS Officer

बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुधा जी भूषण की बुक लॉन्च (International transactions-A Comprehensive Guide) का समारोह प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुआ, सुधा भूषण मुंबई स्थित इंडिया प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट है।  समोरह का आरंभ सरस्वती वंदना की गूंज के साथ दीप प्रजवलावित करते हुए हुआ।

दीप प्रज्वलित करने का शुभ कार्य सुधा जी भूषण, सुनील पाटोदिया, विनय भूषण, सुमन अग्रवाल, नीला पारिख,जेपी गुप्ता व ए.पी. कुमार  के शुभ करकमलों से सम्पन्न हुआ। जितनी भ्व्या इमारत में समारोह हुआ, उतने ही प्रभावशाली व्यक्ति विशेष समारोह में उपस्थित थे|

Mr.Quaiser Khalid, The Inspector General of Police, Maharashtra (Chief Guest),  Ashish Chauhan, MD and CEO of BSE (Guest of Honour), Raj Kumar Joint commissioner of income tax (OSD) Circle -11(2)(2), Shankar Jhadav, MD BSE investments Limited, Ashok Kumar Garg, Ex ED  Bank of Baroda, Jagdish Prasad Gupta, successful business man and Father Sudha Bhushan,  Vinay Bhushan, Founder Taxpert Professionals, Sunil Patodia Ji , Chartered accountant and ex chairman of WIRC of ICAI.

सुधा भूषण अपने २० साल के कार्यकाल में अंगीनित कंपनीज को इंडिया में स्थापित करने, इंडिया से बाहर कंपनीज establish   करने, उनकी सर्वोत्तम स्ट्रेटजी बनाने, उनका optimum tax structuring   करने का काम कर चुके है|

बुक का विमोचन करते हुए श्री खालिद जों खुद भी एक लेखक है, ने कहा कि कोई भी बुक किसी व्यक्ति के विचारो का आयना होती है|

श्री खालिद की स्पीच की सरल भाषा ने समारोह की शोभा में चार चांद लगा दिए। बुद्धिजीवियों का एक अद्भुत सामंजस्य देखकर श्रोता भी आन्नादित थे। सुधा जी के पिता जी श्री जेपी गुप्ता जी, जों दिल्ली से विशेषकर अपनी बेटी के बुक विमोचन समारोह में सामिल होने के लिए आए थे बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।

व्यक्ति विशष श्री सुनील पाटोदिया जों देश के नमिक चार्टर्ड एकाउंटेंट है ने सुधा जी को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि सुधा जी की शुरू से ही रुचि Foreign International Tax & Laws में रहि  है एवं सुधा जी और विनय जी अपने कार्यक्षेत्र में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे है।  सुधा जी ने अपने स्पीच के दौरान बताया कि उनके अनुभव में इंटरनेशनल टैक्स एंड त्रांसाक्शन एक कॉम्प्लेक्स लॉ नहीं है, जरूरत है तो चार कंप्लायंस मनेज करने की।

  • Allowability (w.r.t FEMA Provisions) 
  • Vulnerability (arising out of double Taxation)
  • Explainability (achieved through lucid Documentation) 
  • Accountability (required under Companies Act, 2013, Income Tax Act, 1961 and FEMA, 2000).

सुधा जी ने अपनी स्पीच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि टैक्स जितना सिम्पल हो उतना ही अच्छा है, उन्होंने कहा कि वो अपने कार्य द्वारा मोदी जी के ५ ट्रिलियन इकॉनमी के सपने में योगदान देना चाहती है।

विनय जी ने इंटरनेशनल लॉ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कंप्लायंस एंड डॉक्यूमेंटेशस की महत्वपूर्ण ता बहुत बढ़ गई है। एक मल्टीनेशनल कंपनी को बेशक हर लॉ का ध्यान रखना चाहिए। जन्हा तक क्रॉस बोर्डर ट्रांसाक्शन की बात है, उसके अपने नुआंसज है जो सभी  कंसर्नेड को समझने चाहिए और दुनिया दिन प्रतिदिन छोटा होता जा रहा है इसलिए जरूरत है की मल्टीनेशनल कंपनीज को अपनी पॉलिसीज, पूरे लॉज को मध्यनजर रखते हुए बनानी चाहिए।

  

बुक लॉन्च के साथ साथ समारोह में डिजिटल इकॉनमी की के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। चर्चा में शामिल अतिथिगणों Amit Sheth, co founder and director Aurionpro Solutions Limited., Mr. K. Balachandran Co founder IRIR, Mr. Amol Lone, Head Finance and IT, Fermenta biotech limited),  ने बहुत ही उत्तीर्ण ढंग से अपने विचार व्यक्त किए। समारोह का समापन भागवत गीता के  लीडरशिप लैशंस के साथ हुआ, जिसमें श्री कृष्ण चेतन्य दास, HOD. Department of Integrated Preaching at ISKCON Juhu Mumbai., ने  गीता को कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए एक सूत्रधार में बांध दिया।


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Interview Of Manjusha Ranjan Book Author Of Khila Kamal Pursharth Desh Ka

Interview Of Manjusha Ranjan Book Author Of Khila  Kamal Pursharth Desh Ka

हिन्दि की महान साहित्यकार एवमं कवित्री मंजुषा रंजन, की लिखी किताब खिला कमल पुरसार्थ देश का,महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ गोंविद के कर कमलों द्वारा विमोचन किया गया,मंजुषा रंजन ने हिन्दी कविता की अस्मर्णी सेवा की है, और अपने कलम से नये युग का अविष्कार किआ है,जन जन में देश भक्ति की चेतना जगाई,आपको बता दे की मंजुषा रंजन का रविवार दिनांक 8 दिसंबर को मुम्बई में हुआ भव्य स्वागत,बॉलीवुड और राजनीतिक छेत्र के तमाम हस्तियों से हुई मुलाकात,कई संस्थाओं द्वारा सम्मान,हाल ही में मोरिसस में 200 से ज्यादा देश के कवि वहा आये थे, जहाँ उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया, गौरतलब हो कि खिला कमल पुरसार्थ देश का इन्होंने खुद लिखा है,

हर ज्वलनशील मुद्दों पर बड़े ही बेबाकी से अपनी राय रखती है,चाहे वो ट्रिपल तलाक का मुद्दा हो,चाहे राम मंदिर का मुद्दा,चाहे नमामि गंगे हो,या फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,हाल ही हैदराबाद वाले कांड पर भी खुल कर अपनी राय रखी,और उन्होंने क्या क्या कुछ कह देखिए पूरी रिपोर्ट

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AUTHOR MANOJ YADAV TO LAUNCH HIS NEW BOOK – 101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT AT TITLE WAVES BANDRA MUMBAI ON 31ST AUGUST 2019

AUTHOR  MANOJ YADAV TO LAUNCH HIS NEW BOOK – 101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT  AT TITLE WAVES  BANDRA MUMBAI ON 31ST AUGUST  2019

Manoj Yadav will launch his debut book ‘101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT’ from the genre Business and Management by Vitasta Publishing Private Ltd, a leader in non-fiction.  It is a 3-in-1 book for effective decision-making with 500+ strategies for business success.

101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT’ can be described as an innovative and well-researched work on Project, Quality, and Risk management, where for the first time Manoj is detailing in-depth around 98% risks affecting projects and strategies to mitigate them.

 

“101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT is a book which revolves around project management to survive in a world driven by volatility, uncertainty, complexity, and ambiguity (VUCA). I worked for various MNCs and saw huge gap, as professionals were finding it hard to manage their projects even after various professional certifications. There were complexities around and focus was on theoretical concepts. It is because of this I decided to write a practical book on project management, operational risk, and quality management by which people will have ready solutions to do their daily work and this will enhance their performance.” says Manoj Yadav

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